जातिवाचक संज्ञा किसे कहते हैं | जातिवाचक संज्ञा की परिभाषा और उदाहरण

जातिवाचक संज्ञा किसे कहते हैं उदाहरण सहित पूरी जानकारी. इस लेख में हम आपको जातिवाचक संज्ञा के बारेमे सम्पूर्ण जानकारी देने वाले हैं. हिंदी ग्रामर में संज्ञा एक बहो ही महत्वपूर्ण topic हैं, तो इसीलिए हम इससे सम्बंधित लेख लिख रहे हैं. अगर आपको पता नहीं हैं तो में बता दू की संज्ञा के कुल 5 भाग हैं, जिनमे से आज हम आपको जातिवाचक संज्ञा की जानकारी देने वाले हैं.

Jativachak sangya kise kahate hain
Jativachak sangya kise kahate hain

इससे पहले हमने आपको संज्ञा और व्यक्तिवाचक संज्ञा की जानकारी दी हैं, तो अभी तक आपने वह लेख नहीं पढ़े हैं तो इस लेख को पढने के बाद उस लेख को पढ़ सकते हैं. फ़िलहाल आज आप जातिवाचक संज्ञा किसे कहते हैं, (Jativachak sangya kise kahate hain) इसके उदाहरण क्या है और जातिवाचक संज्ञा को कैसे पहचाने इसके बारेमे सीखेंगे.

जातिवाचक संज्ञा किसे कहते हैं

जिन शब्दों से हमें किसी स्थान, व्यक्ति या वस्तु की सम्पूर्ण जाती का बोध होता हैं, उन्हें हम जातिवाचक संज्ञा कहते हैं. इस संज्ञा के अंतर्गत हमें सम्पूर्ण जाती वर्ग के बारेमे पता चलता हैं.

व्यक्तिवाचक संज्ञा में हमें सिर्फ किसी एक विशेष व्यक्ति, वस्तु या स्थान का बोध होता हैं, पर जातिवाचक संज्ञा में पूरी की पूरी जाती का बोध होता हैं.

जैसे की, इन्सान, शहर, देश, पहाड़, नदी, दिशा, किताब, इत्यादि. यह सब जातिवाचक संज्ञा के उदाहरण हैं.

देखो, अगर में “किशन” ये शब्द लू तो यह व्यक्तिवाचक संज्ञा होगी क्योकि यहाँ पर में सिर्फ एक व्यक्ति के बारेमे बात कर रहा हु जिसका नाम किशन हैं. पर यदि में यह कहू की “मनुष्य” तो यह शब्द जातिवाचक संज्ञा का होगा क्योकि यहाँ पर में सम्पूर्ण मनुष्य जाती की बात कर रहा हु.

ठीक उसी प्रकार यदि में कहू की “पश्चिम” तो यह भी व्यक्तिवाचक संज्ञा होगा क्योकि यहाँ पर मेने एक दिशा की बात की हैं. पर यह कहू की “दिशा” तो यह शब्द जातिवाचक संज्ञा का हैं क्योकि इसमे सभी दिशा की बात आ जाती हैं, पूरी की पूरी जाती आ जाती हैं.

यह हाने की:

तो अब आपको जातिवाचक संज्ञा किसे कहते हैं, जातिवाचक संज्ञा की परिभाषा क्या हैं, इसके बारेमे पता चल गया होगा. आपको व्यक्तिवाचक संज्ञा और जातिवाचक संज्ञा में क्या अंतर हैं यह भी पता चल गया होगा. चलिए अब हम जातिवाचक संज्ञा के examples देखते हैं, ताकि इसे हम और भी आसानी से सिख सके.

जातिवाचक संज्ञा के उदाहरण

प्राणी या व्यक्ति: मनुष्य, लड़का, लड़की, भगवान, देव, ऋषिमुनि, पशु, पक्षी, समुद्रजीव, शेर, इत्यादि.

वस्तु: किताब, टेबल, लैपटॉप, घड़ा, इत्यादि.

स्थान: गाँव, शहर, राज्य, देश, खंड, समुद्र, नदी, मंदिर, अस्पताल, इत्यादि.

जातिवाचक संज्ञा के अन्य उदहारण

  • मुझे किताब पढ़ना बहोत पसंद हैं.
  • सुरेश हमेशा गाँव जाने की बात करता रहता हैं.
  • सभी को समुद्र बहोत पसंद होता हैं.
  • उसने मेरे से लेपटोप लिया.
  • मार्किट में बहोत सारी नयी गाडिया आई हैं.
  • इन्सान को इंसानियत नहीं भूलनी चाहिए.
  • लोग भगवान की पूजा करते हैं.
  • शहर गाँव से बड़ा होता हैं.
  • बहोत सारे राज्यों में बारिश का मौसम हैं.
  • में रोज़ मंदिर जाता हु.
  • कुत्ता बहोत वफादार होता हैं.
  • दिव्येश को अस्पताल में दाखिल किया हैं.
  • गाय हमें दूध देती हैं.
  • इस मार्किट में बहोत सारी दुकाने हैं.
  • आपका लड़का कौन सी स्कूल में जाता हैं?

ऊपर के उदाहरणों में हमने जिन शब्दों को bold किया हुआ हैं वे सभी जातिवाचक संज्ञा के उदाहरण हैं. वे शब्द हमें किसी एक व्यक्ति, वस्तु या स्थान के बारेमे नहीं बताते हैं बल्कि किसी व्यक्ति, वस्तु या स्थान की सम्पूर्ण जाती के बारेमे बताते हैं, अत: वे सभी शब्द जातिवाचक संज्ञा के हैं.

जैसे की, “किताब“, कौन सी किताब हैं यह नहीं बताया, बस किताब हैं. तो उसमे बहोत सारी किताबे शामिल होती हैं, जोकि पूरी किताब जाती को संबोधित करता हैं.

गाँव: दुनिया में बहोत सारे गाँव होते हैं, यह शब्द सभी गाय जाती का बोध कराता हैं.

समुद्र: यहाँ पर कोई एक समुद्र की बात नहीं की गयी हैं, अत: समुद्र जातिवाचक संज्ञा हैं. अगर इसकी जगह हिंद महासागर कहता तो यह जातिवाचक संज्ञा नहीं होता क्योकि उसमे केवल एक विशेष समुद्र की बात करी गयी हैं.

राज्य: सिर्फ भारत में ही 28 राज्य हैं, तो हमने कोई particular राज्य की बात नहीं की हैं. राज्य कोई सा भी हो सकता हैं. ये शब्द पूरी जाती का बोध कराता हैं.

ठीक उसी तरह जितने भी शब्द हैं वे किसी न किसी जाती का बोध करते हैं, किसी विशेष वस्तु, स्थान या व्यक्ति का नहीं.

यह भी पढ़े:

हमने आपको जातिवाचक संज्ञा के उदाहरण के बारेमे बताया. अब हम आपको जातिवाचक संज्ञा की पहचान कैसे करे, मतलब की जातिवाचक संज्ञा को वाक्य में कैसे पहचाने उसकी जानकारी देते हैं.

जातिवाचक संज्ञा की पहचान कैसे करे

  • अगर वाक्य में कोई ऐसा शब्द हैं जोकि किसी एक विशेष व्यक्ति या वस्तु का ना हो, बल्कि पूरी जाती के बारेमे बताता हो तो वह शब्द जातिवाचक संज्ञा हैं.
  • अगर किसी शब्द से आपको ऐसा लगे की यह शब्द कोई भी हो सकता हैं, तो वह जातिवाचक संज्ञा हैं. जैसे की, शहर. शहर कोई भी हो सकता हैं, राजकोट भी हो सकता हैं, दिल्ही, भोपाल भी हो सकता हैं. तो शहर एक जातिवाचक संज्ञा हैं. हा, अगर सिर्फ “राजकोट” शब्द आये तो वह व्यक्तिवाचक संज्ञा होगी क्योकि हमें पता हैं की राजकोट शहर की बात हो रही हैं.

व्यक्तिवाचक संज्ञा और जातिवाचक संज्ञा में अंतर क्या हैं.

  • व्यक्तिवाचक संज्ञा एकवचन में होती हैं जबकि जातिवाचक संज्ञा बहुवचन में होती हैं.
  • जो शब्द सिर्फ किसी एक व्यक्ति, वस्तु या स्थान के बारेमे बताते हैं वे व्यक्तिवाचक संज्ञा हैं, जबकि जो शब्द किसी सम्पूर्ण व्यक्ति, वस्तु या स्थान की जाती के बारेमे बताता हो वो जातिवाचक संज्ञा हैं.
  • किशन, पूर्व, महाभारत काव्य, कुतुबमीनार, यह सभी व्यक्तिवाचक संज्ञा के उदाहरण हैं. मनुष्य, दिशा, नदी, पहाड़, गाय, यह सभी जातिवाचक संज्ञा के उदाहरण हैं.

यह भी पढ़े:

तो अब आपको जातिवाचक संज्ञा किसे कहते हैं, जातिवाचक संज्ञा की परिभाषा क्या हैं, जातिवाचक संज्ञा में क्या क्या आता हैं, जातिवाचक संज्ञा व्यक्तिवाचक संज्ञा से कैसे अलग हैं, इसके बारेमे पता चल गया होगा.

जातिवाचक संज्ञा – FAQ

जातिवाचक संज्ञा से हमें क्या पता चलता हैं?

जातिवाचक संज्ञा से हमें किसी जाती के बारेमे पता चलता हैं. इससे हमें किसी व्यक्ति, वस्तु या स्थान की सम्पूर्ण जाती का बोध होता हैं.

गाय कौन सी संज्ञा हैं?

गाय जातिवाचक संज्ञा हैं. क्योकि इसमे सम्पूर्ण गाय जाती की बात हो रही हैं.

मंदिर कौन सी संज्ञा हैं?

मंदिर जातिवाचक संज्ञा हैं. यहाँ पर सम्पूर्ण मंदिर जाती की बात हो रही हैं, इसलिए.

Conclusion:

इस article में हमने आपको जातिवाचक संज्ञा के बारेमे पूरी जानकारी देना का पूरा प्रयास किया हैं. आपने सिखा की जातिवाचक संज्ञा की व्याख्या क्या हैं, जातिवाचक संज्ञा किसे कहते हैं, जातिवाचक संज्ञा के examples, जातिवाचक संज्ञा की पहचान कैसे करे. यहाँ पर हम हमेशा आपको English और हिंदी व्याकरण को आसानी से समाजाने का प्रयास करते हैं, तो यदि आपको हमारे द्वारा लिखे गए articles अच्छे लगते हैं और कुछ सिखने को मिलता हैं तो उसे आप अपने दोस्तों के साथ जरुर share करे.

यदि आप हमसे कुछ पूछना चाहते हैं तो आप निचे comment करके हमें बता सकते हैं. धन्यवाद.

Sharing Is Caring:

Hi, मेरा नाम Kishan Sarvaiya है. में इस ब्लॉग का founder हु. मेरा Grammarsikho.in ब्लॉग बनाने का एकमात्र उद्देश्य students को हिंदी और इंग्लिश ग्रामर, गणित और शिक्षा से जुडी जानकारी देना है.

Leave a Comment