व्याकरण किसे कहते हैं | व्याकरण के भेद, परिभाषा और उदाहरण

व्याकरण किसे कहते हैं? व्याकरण की परिभाषा क्या है? हेलो दोस्तों, इस article में हम आपको व्याकरण के बारे में विस्तार से जानकारी देने वाले हैं, तो अगर आप भी नहीं जानते कि व्याकरण क्या है, व्याकरण किसे कहते हैं, तो इस आर्टिकल से आपको काफी मदद मिलेगी. दुनिया में बहुत सारी भाषाएं बोली जाती है और हर एक भाषा का अपना एक व्याकरण होता है. तो आज इस लेख के माध्यम से हम आपको यह बताने कि पूरी कोशिश करेंगे कि किसी भाषा में व्याकरण का क्या महत्व होता है, व्याकरण किसे कहते हैं, व्याकरण के कितने प्रकार होते हैं.

Vyakaran kise kahate hain
Vyakaran kise kahate hain

तो चलिए शुरू करते हैं, सबसे पहले हम आपको व्याकरण की परिभाषा के बारे में बताएंगे और उसके बाद हम आपको व्याकरण के भेद के बारे में जानकारी देंगे.

व्याकरण किसे कहते हैं

व्याकरण की परिभाषा: किसी भी भाषा को सही तरीके से और शुद्ध रूप से बोलने के लिए, लिखने के लिए और समझने के लिए कुछ नियम होते हैं और उन्हीं नियमों को हम व्याकरण कहते हैं. व्याकरण एक ऐसा शास्त्र है जिसमें उस भाषा को लिखने, बोलने और समझने के नियम संग्रहित है.

अगर आपको किसी भाषा को सही तरीके से और शुद्ध रूप से सीखना है तो सबसे पहले आपको उस भाषा के व्याकरण को सीखना होगा. व्याकरण को इंग्लिश में Grammar कहते हैं. हिंदी, गुजराती, English और इसी तरह बहुत सारी भाषाएं होती है जिसे अगर आपको सही तरीके से सीखना है तो आपको इन सभी भाषाओं के ग्रामर को अच्छी तरीके से समझना होगा, तभी आप उस भाषा को बोल पाओगे और उस भाषा को लिख पाओगे. बिना व्याकरण सीखें हम भाषा को बोल तो सकते हैं पर सही तरीके से नहीं बोल सकते.

संस्कृत भाषा बहुत प्राचीन भाषा है और हिंदी, गुजराती जैसी कई सारी भाषा संस्कृत भाषा से ही आई हैं. हमारे प्राचीन वेद और ग्रंथ संस्कृत भाषा में लिखे गए हैं जोकि व्याकरण का सबसे बड़ा उदाहरण हैं. हमारे वेद और प्राचीन ग्रंथों में संस्कृत में श्लोक लिखे गए हैं जिसमें संस्कृत भाषा के व्याकरण का पूरा पालन किया गया है. भारत में बोली जाने वाली ज्यादातर भाषाएं संस्कृत भाषा से उत्पन्न हुई है और हर एक भाषा का अपना एक व्याकरण होता है, जिसे देखकर, समझ कर आप उस भाषा को शुद्ध रूप से सीख सकते हैं.

अगर हम हिंदी व्याकरण के बारेमे बात करें तो उसमें बहुत सारे प्रकरण होते हैं, जैसे कि अलंकार, छंद, संधि, विशेषण,. इत्यादि इन सबको सिखा कर हम हिंदी भाषा के पूरे व्याकरण को सीख सकते हैं. स्कूल में भी हमें व्याकरण सिखाया जाता है जैसे कि English Subject में हमें English grammar सीखना होता है, Hindi subject में हमें हिंदी व्याकरण सीखना होता है.

हिंदी व्याकरण के Topics:

अब आपको पता चल गया होगा कि व्याकरण किसे कहते हैं (Vyakaran in Hindi) और व्याकरण की परिभाषा क्या है तो चलिए अब हम आपको व्याकरण के कितने भेद होते हैं, व्याकरण के प्रकार के बारे में विस्तार से बताते हैं.

व्याकरण के कितने भेद होते हैं

आप सभी के मन एक सवाल तो जरुर आया होगा की व्याकरण को कितने भागो में बांटा गया हैं? जैसा कि हम सभी जानते हैं कि भाषा में व्याकरण अलग-अलग रूप से होता है और उनमें कुछ हद तक थोड़ा अंतर होता हैं. यदि हम व्याकरण के भेद के बारे में बात करें तो व्याकरण के चार भेद हैं जिसे हम व्याकरण के अंग भी कहते हैं.

व्याकरण के प्रकार:

  1. वर्ण
  2. शब्द
  3. पद
  4. वाक्य

तो व्याकरण के चार भेद होते हैं. अब हम व्याकरण के इन चारों प्रकार के बारे में एक-एक करके जानते हैं और समझते हैं.

1. वर्ण

वर्ण भाषा का सबसे छोटा भाग होता है जिसे हम आगे विभाजित नहीं कर सकते. जैसे ही क, ख, ग,… ज्ञ. अगर आपको किसी भाषा को सीखना है तो सबसे पहले आपको उस भाषा के वर्णों के बारे में जानना होगा तभी आप उस भाषा को सही रूप से सीख पाएंगे और समझ पाएंगे. अगर आपको किसी भाषा को लिखना है तो आपको उस भाषा में उपयोग किए जाने वाले वर्णों को लिखना होगा, आपको उस भाषा की वर्णमाला सीखनी होगी.

अगर आपको हिंदी भाषा सीखनी है तो सबसे पहले आपको हिंदी वर्णमाला सीखनी होगी तभी आप यह समझ पाएंगे कि हिंदी में कितने वर्ण होते हैं और उसे किस प्रकार से लिखा जाता है और बोला जाता है.

वर्ण के बारे में विशेष जानकारी आप यहां पर सकते हैं:

2. शब्द

जब हम दो या दो से अधिक वर्णों को एक साथ जोड़ते हैं तब शब्द की रचना होती है. वर्णों को तो हम विभाजित नहीं कर सकते पर शब्द को हम विभाजित कर सकते हैं. अगर आप किसी दो वर्ण को आपस में मिलाओगे तो वह एक शब्द बन जाएगा जैसे कि, राजन, शेर, किताब, इत्यादि.

दिए गए उदाहरण को समझें. राजन एक शब्द है जिसमें , और का उपयोग किया गया है और इन तीनो वर्णों को मिलाकर एक शब्द बना है.

हिंदी व्याकरण में शब्द भी दो प्रकार के होते हैं. विकारी शब्द और अविकारी शब्द यह शब्द के दो भाग हैं. विकारी शब्द ऐसे शब्द होते हैं जिनका अगर हम वाक्य में उपयोग करें तो उस वाक्य का मतलब थोड़ा सा बदल जाता है. अविकारी शब्द ऐसे शब्द होते हैं जिनका की वाक्य में उपयोग करने से वाक्य के अर्थ में कोई बदलाव नहीं होता है.

3. पद

जब हम किसी वाक्य में कुछ शब्दों का उपयोग करते हैं तो उनमें से कुछ शब्दों को पद मिलता है. इसे एक उदाहरण लेकर समझने का प्रयास करते हैं. “किशन ताजमहल घूमने जा रहा है”, तो इस वाक्य में किशन शब्द को एक पद मिला हुआ. जिसे हम संज्ञा भी कहते हैं.

अब पद के भी कुछ प्रकार होते हैं, इसके बारे में नीचे बताया है.

पद के प्रकार,

  • संज्ञा
  • सर्वनाम
  • विशेषण
  • क्रिया
  • अवयव

चलिए अब हम व्याकरण के चौथे प्रकार वाक्य के बारे में जानते हैं.

इन्हें भी पढ़े:

4. वाक्य

जब बहुत सारे शब्दों का आपस में मिलन होता है और उस शब्दों के समूह से कुछ अर्थ उत्पन्न होता है तो उसे हम वाक्य कहते हैं. शब्दों के समूह को ही हम वाक्य कहते हैं. एक वाक्य में बहुत सारे शब्द आपस में जुड़े हुए होते हैं जिन्हें बोलने से कुछ भाव प्रकट होता है और उस वाक्य का कुछ अर्थ निकलता है.

जैसे कि, “मनोज को खेलना पसंद है” तो इस वाक्य में मनोज, को, खेलना, पसंद, हैं, इतने शब्द है और यह सारे शब्द मिलकर एक वाक्य की रचना करते हैं. इसी तरह हर एक भाषा में कुछ शब्द होते हैं जिसे आपस में जोड़कर आप एक वाक्य बना सकते हैं जिसका की कोई अर्थ निकलता हो.

वर्ण भाषा का सबसे छोटा इकाई है और इन वर्णों को मिलाकर शब्द की रचना होती है और इन शब्दों को मिलाकर एक वाक्य की रचना होती है.

आपको शब्दों को क्रमानुसार जोड़ना होगा तभी एक अर्थ रूप वाक्य की रचना होगी. अगर आप ऐसे ही किसी भी जगह किसी भी शब्द का उपयोग करेंगे तो उनसे एक वाक्य तो बन जाएगा पर उस वाक्य का कोई मतलब नहीं बनेगा और अगर उस वाक्य का कोई मतलब ही नहीं रहेगा तो फिर वह वाक्य किस काम का.

जैसे की ऊपर के उदाहरण में हमने एक वाक्य बनाया जोकि है “मनोज को खेलना पसंद है” तो इसमें शब्दों को हमने क्रमानुसार रखा है. अगर इसकी जगह हम यह लिख देते कि “को पसंद खेलना मनोज है” तो इसका कोई अर्थ नहीं निकलता. तो व्याकरण में इस चीज का भी महत्त्व है कि आप शब्दों को और वर्णों को किस तरह से मिलाते हो और उनका क्रम क्या होना चाहिए.

किसी भाषा को किस तरह से बोलना हिं, भाषा को किस तरह से समझना है और किस तरह से लिखना है यह हमें उस भाषा का व्याकरण सिखाता है.

तो अब आपको व्याकरण किसे कहते हैं इसके बारे में सारी जानकारी समझ में आ गई होगी. अगर आप भी किसी भाषा को सीखना चाहते हैं, उसे समझना चाहते हैं और लिखना चाहते हैं तो आपको उस भाषा के व्याकरण को सही तरीके से सीखना होगा.

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Conclusion:

हम आशा करते हैं कि आपको व्याकरण क्या है इसके बारे में लिखा गया यह article पसंद आया होगा. यहां पर हमने आपको बताया कि व्याकरण किसे कहते हैं, व्याकरण के कितने भेद होते हैं और व्याकरण की परिभाषा क्या है, किसी भाषा में व्याकरण का क्या महत्व है. यहां पर हमने वर्ण, शब्द, पद और वाक्य के बारे में भी जानकारी दी है जोकि किसी भाषा को सीखने के लिए सबसे अहम भूमिका निभाते हैं.

अगर आप भी व्याकरण सीखने में अपनी रुचि रखते हैं तो यहां पर हम हिंदी और इंग्लिश व्याकरण से जुड़े articles लिखते हैं और आपको व्याकरण के हर एक topic को आसानी से समझाने का पूरा प्रयत्न करते हैं. तो आप Grammar Sikho blog को follow जरूर करिएगा और अगर आपके कोई सवाल है तो आप नीचे comment करके हमें बता सकते हैं. धन्यवाद.

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